जीतने की कला | 5 magical rules for art of winning

जीतने की कला राधा कृष्णन पिल्लई चाणक्य नीति के बारे में तो आपने सुना ही होगा- स्टेट, एडमिनिस्ट्रेशन, इकोनॉमिक्स और पॉलिटिक्स में माहिर चाणक्य, असल में हमारे लिए ज्ञान का एक भंडार छोड़कर गए थे। जिसमें किसी भी आम इंसान को दुनिया के सबसे ताकतवर राज्य के राजा बनने की क्षमता है। लेकिन इस ज्ञान के सागर में डुबकी मार कर वह मोती चुनना बहुत कठिन है, जो हमारे मतलब का हो।

इसीलिए हम चाणक्य के दिए गए ज्ञान से, कुछ मोती चुनकर आपके लिए लाए हैं।जहां हम उन खास मंत्रों की बात करेंगे। जिन्हें फॉलो करके आप आज दुनिया की किसी भी फील्ड में एक सक्सेसफुल इंसान बन सकते हैं।

1-आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस आपको फिर से ट्राई करने के लिए प्रेरित करता है:-सेल्फ कॉन्फिडेंस क्यों किसी भी इंसान को सक्सेसफुल बनाने के लिए बहुत जरूरी है। हम सभी दुनिया में जीतना चाहते हैं। चाहे वह हमारे बिजनेस को इंटरनेशनल लेवल तक ले जाना हो या अपनी क्रिएटिविटी सारी दुनिया को दिखाना हो या कुछ लाइफ में बड़ा अचीव करना हो। लेकिन दुनिया जीतने का पहला कदम है अपने मन में खुद को एक विनर की तरह देखना।

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आपने सुना ही होगा, मन के हारे हार है, मन के जीते जीत, अक्सर हम लाइफ में जीत नहीं पाते क्योंकि हम हारने के डर की वजह से कभी कोशिश ही नहीं करते। एक विनर बनने के लिए अपने मन में मौजूद जिस डर से जीतना, सबसे जरूरी है अपने डर से जीतना कैसे हैं इसके लिए चाणक्य ने तीन स्टेप बताएं हैं।

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फर्स्ट स्टेप है | First step- अपने लक्ष्य को सुनिश्चित करें। अगर आप अपने घर में गैस जलाकर बर्तन लेकर खड़े हो जाएंगे और आपको यह पता ही नहीं होगा कि आप बना क्या रहे हैं तो खाना तो बनेगा ही नहीं।  जब आपको पता होगा आप आज खीर बनाने जा रहे हैं तभी तो आप सारी सामग्री सही रेसिपी से बनाएंगे और बेहतरीन खीर बना पाएंगे। यहां पॉइंट इतना ही है कि जब हमें क्लियर होगा कि हमें अचीव क्या करना है तभी तो हम उसके लिए सही तैयारी करेंगे।

दूसरा स्टेप है | Second step- खुद पर विश्वास करना। अगर कोई हमसे कहे कि तुम्हें मैराथन दौड़ना है तो जो सबसे पहली बात मन में आएगी कि यह तो नहीं हो पाएगा। हम बीच में ही थक जाएंगे। स्टैमिना खत्म हो जाएगा सारी ऊर्जा खत्म हो जाएगी। क्या हम अभी थके हुए हैं? नहीं, फिर भी हमें डर है कि हम गोल तक पहुंचने से पहले ही थक जाएंगे और हार जाएंगे।

अपना लक्ष्य अपनी स्थिति के हिसाब से सेट कीजिए। ना की आने वाली मुश्किलों के हिसाब से। क्या पता, आप खुद को  कमजोर समझ रहे हो। चाणक्य कहते हैं कि कभी भी अपने लक्ष्य के रास्ते में आने वाली मुश्किलों के डर से, अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ना चाहिए। जीत का फासला एक कोशिश का होता है।

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है | Third step- लर्निंग माइंड सेट आपको अपनी मंजिल पता है। खुद पर पूरा विश्वास भी है। लेकिन आपके अंदर मंजिल तक पहुंचाने की स्किल नहीं है, तो क्या आप सक्सेसफुल हो पाएंगे, कभी नहीं। इसीलिए जरूरी है कि आप अपने लक्ष्य के लिए खुद को तैयार भी कर ले। अनुभवी लोगों से बात करें। सफल लोगों के इंटरव्यू सुने। उनकी लाइफ की लर्निंग को समझे। वह उस रास्ते से गुजर चुके हैं। जिस पर आप बढ़ने वाले हैं इसीलिए उनके अनुभव से सीख कर पूरी तैयारी के साथ ही आगे बढ़े।

2-किसी पर आंख बंद करके विश्वास ना करें:- बुरे पार्टनर पर भरोसा ना करें, और ना ही सीधे दोस्त पर, क्योंकि अगर वह आपसे नाराज हो जाए तो वह आपके सारे राज खोल सकता है। एक अच्छा भरोसेमंद दोस्त आपकी सक्सेस जर्नी को आसान बना सकता है। लेकिन क्या आप उन पर भरोसा कर सकते हैं क्योंकि भेड़ की खाल में भेड़िए मिलना कोई नई बात नहीं है। हमेशा से ही पीठ में खंजर भौंकने वाले साथियों से बचकर रहने की सलाह दी जाती रही है।

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लेकिन ऐसे नकली दोस्त की पहचान कैसे करनी है? यह डिसाइड करने के लिए चाणक्य की इस नीति का इस्तेमाल करें। आज के मॉडर्न टाइम में जिसे हम बैकग्राउंड चेक के नाम से जानते हैं। यह कॉन्सेप्ट सालों पहले चाणक्य ने बताया था। किसी भी इंसान को परखने के लिए उसका उसका बैकग्राउंड चेक करें। उसके दोस्त कैसे हैं। उसके दुश्मन कौन है। अगर कोई उसे ना पसंद करता है तो क्यों ?

इन सभी सवालों के जवाब में आपको पता चल जाएगा कि कौन सा इंसान अंदर से कैसा है। जब आप किसी कर्मचारी को हायर  करने से पहले तीन राउंड का इंटरव्यू लेते हैं, तो अपनी लाइफ में इतनी बड़ी पोजीशन किसी को इतनी आसानी से देने से पहले इंटरव्यू क्यों नहीं लेते। जांच पड़ताल क्यों नहीं करते। देखिए ,समझिए और परखिए कि यह इंसान आपकी लाइफ में वैल्यू ऐड कर रहा है, कि नहीं। और हां पहले इंप्रेशन पर विश्वास मत करिए। इंसान को बार-बार पर रखिए।

कोई एक बार अच्छा हो सकता है दो बार अच्छा हो सकता है लेकिन हर बार अच्छा बनने का नाटक नहीं कर सकता और सारे प्रक्रिया के बाद आपको लगता है कि वह इंसान आपके भरोसे के लायक है  तो उन्हें यह बात बताने में जरा भी देर ना करें कि आप उनके बारे में क्या सोचते हैं। कई बार हम अच्छे दोस्त इसलिए भी खो देते हैं, क्योंकि हम उन्हें बताते नहीं है कि हम उनकी कद्र करते हैं ।

चाहे राजा के कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने वाला सेनापति ही क्यों ना हो, यह कॉरपोरेट वर्ल्ड में ईमानदारी के साथ काम करने वाला बिजनेस पार्टनर। एक अच्छा दोस्त अपनी साइड हो तो जीतने के चांसेस बढ़ जाते हैं। अब बात करते हैं दुश्मन की। दुश्मन का यह मतलब नहीं है कि कोई गैंगस्टर आपकी जान के पीछे पड़ा हो।

कोई भी आम इंसान जो आपकी सक्सेस को सपोर्ट नहीं कर रहा है। आपको जितने से रोक रहा है। वह आपके दोस्त बनने के लायक नहीं है। दुश्मन शब्द थोड़ा ज्यादा हार्ड है। कई बार लोग आपके काम का क्रेडिट खुद ले लेते हैं। कोई कंपनी हो सकती है। जो आपकी क्लाइंट्स चुरा लेती है।आपका लैंडलॉर्ड हो सकता है। जो आपको शांति से जीने नहीं देता है।

हमारी मॉडर्न लाइफ में भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं। जो हमारी सक्सेस के रास्ते में कांटे की तरह होते हैं। इसे कैसे डील करना है। यह भी चाणक्य ने बताया है। सबसे पहले इस तरह के लोगों को दो हिस्सों में बांट लेते हैं। डायरेक्टर और इनडायरेक्ट।

डायरेक्ट कंपीटीटर्स वह होते हैं। जो हमें साफ-साफ प्रतिद्वंद्वी की तरह समझ आते हैं। इन कंपीटीटर से बचने के लिए आपको अपना बेस नेटवर्क स्ट्रांग करना होता है। अपनी रेपुटेशन मार्केट में बनाकर रखनी है।अपने क्लाइंट्स को हमेशा बेस्ट सर्विस प्रोवाइड करनी है। आपको जहां पता है किससे बचना है। वहां बचना आसान होता है।

लेकिन असल खतरा होता है इनडायरेक्ट कंपीटीटर से ,यह ना आपकी इंडस्ट्री के होते हैं। यह कहीं भी हो सकते हैं। किसी भी इंडस्ट्री में सबसे बड़ा डायरेक्टर कंपीटीटर है टेक्नोलॉजी। हमें कभी पता नहीं होता कि कब कोई नई प्रक्रिया ऑटोमेटेड हो जाएगी और कितने स्टार्टअप ठप हो जाए।

इनडायरेक्ट कंपीटीटर इनसे बचने के लिए क्या करना है ? अपनी सोच के दायरे को बढ़ाना है। मार्केट की रिसर्च करना है। और हमेशा आने वाले ट्रेड से अप टू डेट रहना है। सबसे जरूरी हमेशा प्रॉब्लम में अवसर की तलाश करने की कोशिश करनी है।

3-शिक्षा का महत्व:-चाणक्य नीति में शिक्षा के महत्व को विशेष रूप से माना गया है। शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधना है। शिक्षा ही ज्ञान का मूल स्रोत होती है। यह व्यक्ति को विभिन्न क्षेत्रों में समझदार बनाती है और उसे समस्याओं का समाधान ढूंढने में मदद करती है. शिक्षा व्यक्ति को स्वावलंबन की दिशा में आग्रहित करती है। यह उसे विभिन्न करियर विकल्पों के रूप में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है.

जो व्यक्ति स्वयं अपना काम कर सकता है, वही दूसरों की सहायता कर सकता है। शिक्षित व्यक्ति सामर्थ्य और स्वाधीनता का आनंद उठाता है। वह स्वयं के निर्णयों को लेता है और अपने जीवन को सफलता की ओर अग्रसर करता है।  शिक्षा व्यक्ति को समाज में अधिक  जिम्मेदारियों के साथ सहयोग करता है और समर्पण से योगदान करता है

4- साम्राज्य कैसे बनाएं:-चाणक्य कहते हैं कि एक राज्य में सा चीज कंपलसरी है राजा, मंत्री, प्रजा, शहर, खजाना ,सेना और दुश्मन। इनमें से कोई एक भी ना हो तो राज्य नहीं रह जाता। अब आज के समय के हिसाब से इसे देखें तो बिजनेस को अंपायर बनाने के लिए भी आपको इन्हीं सात चीजों की जरूरत पड़ेगी राजा यानी आप, मंत्री यानी आपकी कंपनी के बोर्ड आफ डायरेक्टर, और डिसीजन मेकर्स प्रजा यानी आपके क्लाइंट, शहर यानी आपका ऑफिस, खजाना यानी रिवेन्यू, सेना मतलब आपके एम्पलाइज, दुश्मन यानि कंपीटीटर्स।

आप अकेले ही अपना अंपायर खड़ा नहीं कर सकते। आपकी जीत के लिए जरूरी है कि आपके पास ऐसे लोग हो जो आपकी जीत में कैटालिस्ट की तरह काम करें। आपकी सिर्फ विनिंग माइंड सेट से आपकी कंपनी आसमान नहीं छू पाएगी। आपको अपने मंत्रियों और आपकी सेना सभी को तैयार करना होगा ताकि वह कंपनी को जीत की ओर लेकर जाएं और यह सिर्फ आपकी जीत नहीं, सब की जीत भी है। एक अच्छे लीडर की खासियत यही होती है कि वह पर्सनल गेंद नहीं देखता बल्कि सभी को जीत की तरफ साथ लेकर जाता है।

5-ब्रह्मांड की शक्तियों को समझिए:-मन में नकारात्मक विचार आने से इंसान पहले ही हार मान लेता है और आगे नहीं बढ़ पाता इससे  बचे और विश्वास करें कि आप भी सक्सेसफुल बन सकते हैं। अब आप जीत के लिए पूरी तरह से तैयार है। आप ने अपने हार के डर को खत्म कर दिया है। आपके आसपास भरोसेमंद लोग हैं। आप अपनी नॉलेज को भी बढ़ते रहते हैं। आपने विनर की एक टीम भी बना ली है। लेकिन अभी भी आपके और आपकी जीत के बीच का फासला काम नहीं हो रहा।

ऐसा क्यों चाणक्य कहते हैं। अक्सर सारी कोशिश के बाद भी हम जीत नहीं पाए क्योंकि हम जीत को अपनी लाइफ में स्वागत नहीं कर पाते। हम जाने अनजाने ही उसे ब्लॉक करते हैं। हमारा खराब व्यवहार जैसे- गुस्सा करना,नकारात्मक बातें करना ,दूसरों से जलना ,असंतोषी आचरण होना। यह कुछ ऐसी चीज हैं जिससे हम लाइफ में कुछ भी पॉजिटिव नहीं कर पाते इसीलिए जीत को अपने पास आने दे।

यह ज्ञान प्राचीन समय से हमारे पूर्वजों के पास रहा है कि यह ब्रह्मांड हमसे नहीं है हम ब्रह्मांड से हैं। कॉस्मिक एनर्जी की ताकत में हमारे पूर्वजों को सदियों पहले से विश्वास था। हम जिसे मेनिफेस्टेशन कहते हैं। वह ज्ञान सदियों से हमारे ऋषि मुनि करते आ रहे हैं। उस पावर पर विश्वास कीजिए। खुद ही सोचिए हर चीज नेचर में परफेक्ट ढंग से चल रही है सारे प्लैनेट्स अपनी एक्सेस पर घूमते हैं।

हर मौसम परफेक्टली आता है जाता है। यूनिवर्स में घट रही घटनाओं को हमारे दखल की जरूरत ही नहीं होती। ब्रह्मांड हमारे लिए सही अवसर भेजेगा। उसे स्वीकार करने के लिए खुद को तैयार करिए ।

उद्देश्य:-चाणक्य जैसे विद्वान की कही हुई बातें, आज के टाइम में भी हमें राह दिखाती हैं। इन छोटी-छोटी लर्निंग को अपनी लाइफ में फॉलो करके आप अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं बस जरूरत है तो सच्चे प्रयास की। अपने दिमाग के रास्ते में आने वाली प्रॉब्लम्स का डर परेशानियों का डर निकाल दीजिए और मंजिल पर सिर्फ ध्यान कीजिए इस ध्यान को टूटने नहीं देना है।

खुद को समय-समय पर ट्रेन करते रहे। लर्निंग माइंड सेट से आगे बढ़े और हमेशा अपनी इंडस्ट्री में चल रहे ट्रेड से अपडेटेड रहे। अपने नेटवर्क को बढ़ते रहे और भरोसेमंद लोगों से खुद को घेरे रहे और फिर देखिए, आपको जितने से कोई नहीं रोक सकता।

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