धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक
“धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक” एक गहन और प्राचीन सत्य है, जो हमें यह सिखाता है कि धर्म और न्याय का पालन करना केवल नैतिक कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारे स्वयं के अस्तित्व और सुरक्षा का आधार है। यह श्लोक मनुस्मृति (अध्याय 8, श्लोक 15) में मिलता है।
धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः।
तस्माद्धर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥
भावार्थ
जो व्यक्ति धर्म का नाश करता है, धर्म उसी का नाश कर देता है।
जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।
इसलिए धर्म का कभी नाश न करें, अन्यथा धर्म का विनाश अंततः हमें ही नष्ट कर देगा।

जीवन में महत्व
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न्याय और सत्य की रक्षा — धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सही आचरण, सत्य और न्याय का पालन भी है।
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समाज में स्थिरता — धर्म की रक्षा से समाज में शांति, आपसी विश्वास और नैतिकता बनी रहती है।
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व्यक्तिगत सुरक्षा — धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति आत्मिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर सुरक्षित रहता है।
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आध्यात्मिक उन्नति — धर्म की रक्षा आत्मा को पवित्र रखती है, जिससे मोक्ष का मार्ग खुलता है।
कहानी के माध्यम से समझें
प्राचीन काल में राजा हरिश्चंद्र का जीवन “धर्मो रक्षति रक्षितः” का सर्वोत्तम उदाहरण है। सत्य और धर्म के पालन में उन्होंने अपना राज्य, धन, यहाँ तक कि परिवार भी खो दिया, परंतु उन्होंने धर्म का त्याग नहीं किया। अंततः उनकी सत्यनिष्ठा और धर्मपालन ने उन्हें पुनः सम्मान, राज्य और सुख प्रदान किया।

आधुनिक जीवन में महत्व
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व्यापार में ईमानदारी — ईमानदारी से काम करने वाला व्यापारी दीर्घकाल तक ग्राहकों का विश्वास और सफलता पाता है।
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न्यायप्रिय नेतृत्व — न्याय और धर्म के आधार पर शासन करने वाला नेता जनता के दिलों में स्थान बनाता है।
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व्यक्तिगत सुरक्षा — धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति मानसिक शांति और सामाजिक सम्मान पाता है।
धर्म की रक्षा कैसे करें?
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सत्य बोलें और छल-कपट से बचें।
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अन्याय और गलत कार्य का विरोध करें।
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अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करें।
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जरूरतमंदों की सहायता करें।
निष्कर्ष
“धर्मो रक्षति रक्षितः पूर्ण श्लोक” केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक मार्गदर्शक नीति है। धर्म की रक्षा करके हम अपने जीवन, समाज और राष्ट्र की भी रक्षा करते हैं। यह सत्य आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना हजारों वर्ष पहले था।
राधे राधे!🙏🙏
आध्यात्मिक ज्ञानवर्धक कहानियां | Spiritual Knowledge in Hindi
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एक सच्ची कहानी। एक बार अवश्य पढ़े ![]()
हमारे शरीर और मानसिक आरोग्य का आधार हमारी जीवन शक्ति है। वह प्राण शक्ति भी कहलाती है।















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